Latest :
जेवर एयरपोर्ट के लिए काटे जाएंगे 6000 पेड़वर्ल्ड टूर के पहले दौर में ही हारीं पीवी सिंधु, जापान की यामागुची ने 68 मिनट में जीता मैचहाईकोर्ट ने निपटाई सपना चौधरी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की याचिका, जानें मामलाराहुल द्रविड़ की फैन हैं दीपिका पादुकोण, कहा- वो मेरे ऑल टाइम फेवरेट क्रिकेटर हैंजेल में बंद गैंगस्टर जग्गू ने कहा- मेरा एनकाउंटर कर देगी पुलिस अमृतसर जेल में करा दें शिफ्टसेंसेक्स में 149 अंक की तेजी, निफ्टी 42 प्वाइंट चढ़कर 11950 के ऊपर पहुंचाNSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन और छात्रों पर लाठीचार्ज करना निंदनीय :- कृष्ण अत्रीलखनऊः सुबह चार बजे विधानसभा घेरने पहुंचे किसान, पानी की बौछारों से किया तितर-बितर, कई हिरासत मेंफास्टैग अनिवार्यता पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार, कहा- मुश्किल होना रोक लगाने का आधार नहींबढ़त के साथ खुला बााजार, डॉलर के मुकाबले 70.89 के स्तर पर हुई रुपये की शुरुआत
Sports

सौरव गांगुली की अगुवाई में BCCI की पहली AGM आज, जानें क्या होंगे मुद्दे

December 01, 2019 10:57 AM

Star Khabre, Faridabad; 1St December : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) रविवार (1 दिसंबर) को सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की अगुवाई में पहली सालाना आम बैठक (AGM) आयोजित करेगा, जिसमें लोढ़ा समिति की सिफारिशों से लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) में अपना प्रतिनिधित्व चुनने जैसे कई मुद्दों पर अहम फैसले लिए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) पिछले 33 महीने के संचालन के बाद बीसीसीआई से हट चुकी है जिसके बाद गत माह ही गांगुली को बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया तथा नये पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गई थी। गांगुली की अगुवाई में बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों में कुछ बदलाव करने पर विचार कर रही है।

एजीएम के लिए जारी किए गए मसौदे के अनुसार बोर्ड मौजूदा संविधान में बदलावों पर विचार कर रहा है, जिसमें पदाधिकारियों के कार्यकाल की समयावधि का मुद्दा अहम माना जा रहा है। मौजूदा संविधान के अनुसार कोई पदाधिकारी जिसने बीसीसीआई या राज्य क्रिकेट संघ में अपने पद पर तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं, उसे अगले कार्यकाल से पहले तीन वर्ष के कूलिंग ऑफ पीरियड पर जाना होगा या कहें तो वह तीन वर्ष से पहले फिर उस पद पर नियुक्त नहीं हो सकता है।  हालांकि, मौजूदा प्रबंधन चाहता है कि यह कूलिंग ऑफ अवधि को तभी लागू किया जाए जब किसी पदाधिकारी ने दो कार्यकाल (छह वर्ष) का समय बोर्ड या राज्य संघ में किसी पद पर गुजारा हो। यदि इस नए नियम को एजीएम में दो न-चौथाई बहुमत हासिल होता है तो इसे बोर्ड में लागू कर दिया जाएगा, जिससे मौजूदा अध्यक्ष के कार्यकाल में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। 

मौजूदा संविधान के अनुसार किसी बदलाव को लागू करने से पूर्व सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी जरूरी है, लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार यदि एजीएम में तीन-चौथाई बहुमत से किसी प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अदालत की मंजूरी जरूरी नहीं होगी। पिछले तीन सालों में वैश्विक क्रिकेट संस्था में भी बीसीसीआई का मजबूत प्रतिनिधित्व नहीं रहा है, ऐसे में बोर्ड प्रमुखता से रविवार को अपनी आम बैठक में किसी अनुभवी व्यक्ति को आईसीसी में अपना प्रतिनिधि चुन सकता है।  उल्लेखनीय है कि 70 वर्ष की उम्र की सीमा का नियम यहां लागू नहीं होगा। माना जा रहा है कि इससे बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के भी आईसीसी बैठक में हिस्सा लेने का रास्ता खुल सकता है। श्रीनिवासन को आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बीसीसीआई ने कहा, “बीसीसीआई के हितों की रक्षा करने और उसके आईसीसी में कद को मजबूत बनाने के लिए अनुभवी और अन्य राष्ट्र सदस्यों के साथ बेहतर संबंध रखने वाले व्यक्ति को प्रतिनिध चुना जाएगा।” नए पदाधिकारियों का यह भी मत है कि सचिव के पद को और मजबूत किया जाए, जबकि मौजूदा संविधान के तहत मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। गांगुली की अध्यक्षता वाले नये पदाधिकारियों में जय शाह को सचिव नियुक्त किया गया है जो गृह मंत्री अमित शाह के पुत्र हैं। यदि मौजूदा प्रस्ताव को पास किया जाता है तो जय शाह का कद बीसीसीआई में काफी बढ़ जाएगा और सीईओ भी उन्हें रिपोर्ट करेंगे।  एजीएम में अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में विभिन्न समितियों को लेकर भी फैसले किए जाएंगे जिसमें क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएससी) की भी नियुक्ति शामिल है। पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के कार्यकाल में सीएसी का गठन हुआ था जिसमें सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और गांगुली को इसका सदस्य चुना गया था। लेकिन बाद में तीनों ने हितों के टकराव का मुद्दा उठने के बाद समिति से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कपिल देव, शांता रंगास्वामी और अंशुमान गायकवाड़ ने टीम के प्रमुख कोच की नियुक्ति की थी जिसपर रवि शास्त्री को टीम इंडिया का दोबारा मुख्य कोच चुना गया था।  इसके अलावा नए लोकपाल और नैतिक अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। फिलहाल इन पदों पर सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति डीके जैन कार्यरत हैं, लेकिन उनका कार्यकाल फरवरी में समाप्त हो रहा है। उल्लेखनीय है कि एमसीए के उपाध्यक्ष अमोल काले एजीएम में क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व करेंगे जबकि तमिलनाडु क्रिकेट संघ का प्रतिनिधित्व सचिव आरएस रामास्वामी याश्रीनिवासन की बेटी रूपा गुरुनाथ कर सकती हैं। बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के सचिव अभिषेक डालमिया भी बतौर प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले गांगुली कैब के अध्यक्ष थे जिन्हें जगमोहन डालमिया के निधन के बाद यह पद सौंपा गया था।

 

 
Have something to say? Post your comment
More Sports

वर्ल्ड टूर के पहले दौर में ही हारीं पीवी सिंधु, जापान की यामागुची ने 68 मिनट में जीता मैच

श्रीलंका के कप्तान ने कहा- मिकी ऑर्थर का साथ होना फायदेमंद, उन्हें पाकिस्तान टीम की गहरी जानकारी

टॉप 3 बल्लेबाजों के भरोसे कब तक जीत का ख्वाब देखती रहेगी टीम इंडिया

विराट ने लपका शानदार कैच, मैच के बाद बोले- हाथ में फंस गई थी बॉल

टीम की जीत के लिए मुश्किल चुनौती का हिस्सा बनना चाहूंगा-दिनेश कार्तिक

India vs West Indies: विराट कोहली 12वीं बार बने मैन ऑफ द मैच, वर्ल्ड रेकॉर्ड बराबर

भारत-वेस्टइंडीज शृंखला में फ्रंट फुट नो बॉल का फैसला थर्ड अंपायर करेगा

सऊदी अरब में बन रही है दुनिया की पहली स्पोर्ट्स सिटी; यहां इस्लामिक कानून नहीं, पश्चिम जैसी आजादी

Ind vs WI T20 Series: कीरन पोलार्ड ने बताया भारत के खिलाफ क्या होगी कैरेबियाई टीम की रणनीति

दूध बेचकर बेटे को क्रिकेटर बनाने वाले पिता ने कहा- प्रियम खिताब जीतेगा तो सीना चौड़ा होगा

 
 
 
 
 
 
Copyright © 2017 Star Khabre All rights reserved.
Website Designed by Mozart Infotech