Latest :
भोले-भाले लोगों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासाफरीदाबाद पुलिस ने जनहित में साईबर फ्रॉड से बचने के लिए जारी की एडवाइजरी COVID-19 के खतरे को शिक्षा के नए मॉडल में बदलने पर चर्चाफाइनल ईयर के छात्रों की परीक्षा कराने का फैसला छात्र विरोधी, जल्द वापिस ले भाजपा सरकार : कृष्ण अत्रीNSUI ने किया ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल लांचUGC को परीक्षा पर पुनर्विचार करने का निर्देश, NSUI का मिला समर्थनचंडीगढ़ हाई कोर्ट पहुंचा हरियाणा परीक्षा परिणाम का मसलाCoca Cola अगले 30 दिन तक सोशल मीडिया पर नहीं देगी विज्ञापन, जानें क्या है इस फैसले की वजहइंग्लैंड जा रही पाकिस्तान की टीम, कब खेले जाएंगे मुकाबले पता नहीं, कोई कार्यक्रम नहीं हुआ जारीसिंगर ने कहा- एकता ने सुशांत को ब्रेक दिया था, उन्हें टार्गेट कैसे किया जा सकता है?
Chandigarh

सरकार चिंतित- अफसर खजाने में जमा नहीं करा रहे कैंसर सेस और कल्चर सेस के रुपए

March 13, 2020 10:37 AM

Star Kahbre, chandigarh; 13th March : सरकारी खजाने को भरने में वित्त मंत्री तो खूब जोर लगा रहे हैं लेकिन कई विभागों के कर्मचारी खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। जिसका नतीजा चालू वित्त वर्ष में भी देखने को मिलता है कि खजाने में टैक्स से मिलने वाले राजस्व में कमी आई है। इसका खुलासा विधानसभा की शहरी स्थानीय संस्थाओं संबंधी तकनीकी निरीक्षण कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में किया है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विभाग के अधिकारी कई करों व उपकरों को एकत्रित करने और रिकवरी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि मकान निर्माण व शहरी विकास विभाग पर सरकार ने अगस्त 2013 में तय किया था कि अनधिकृत कालोनियों/प्लाटों को रेगुलर करने के एवज में मिलने वाली कुल फीस में कैंसर सेस और कल्चर सेस के रूप में 1-1 फीसदी राशि जमा करवाएगा। लेकिन 31 शहरी स्थानीय संस्थाओं ने 2013-16 के दौरान रेगुलराइजेशन चार्ज के रूप में 66.42 करोड़ हासिल किए लेकिन सेस की बनती 1.33 करोड़ खजाने में जमा नहीं कराई। 

2013 में वसूली राशि 2016 तक नहीं जमा कराई गई

कमेटी ने 31 मई तक सेस की सारी राशि खजाने में जमा कराने और आरोपी अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश की है। श्रम विभाग को किसी भी इमारत की योजना को मंजूरी देते हुए उसके निर्माण की लागत की एक फीसदी राशि और ठेकेदार के बिलों में से टेंडर नोटिफिकेशन के जरिए मंजूर लागत पर एक फीसदी राशि काटकर लेबर सेस के तौर पर मजदूर कल्याण बोर्ड के पास जमा करानी है। 2013 में उगाही गई राशि 2016 तक जमा नहीं कराई गई। 

वसूली करने को कहा...रिपोर्ट में बकाया राशि की वसूली तेज करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ मामलों में करोड़ों की राशि की रिकवरी नहीं की गई और कुछ मामलों में उगाही गई राशि को किसी अन्य मद में खर्च कर दिया गया। विभाग ने कमेटी को बताया कि लेबर सेस की कुल 476.70 लाख की राशि में से 177.76 लाख रुपये ही बोर्ड के खाते में जमा कराए गए हैं।

 
Have something to say? Post your comment
More Chandigarh

पीजीआई में कोरोना संक्रमण का टेस्ट करने वाले डॉक्टरों में दिखे वायरस के लक्षण, 4 डॉक्टर समेत 16 क्वारैंटाइन

विनी महाजन बनीं पंजाब की नई चीफ सेक्रेटरी,पति दिनकर गुप्ता हैं डीजीपी पंजाब

नर्सिंग कॉलेजों की बड़ी पेशकश, कोरोना मरीजों के लिए दस हजार बेड देने का दिया ऑफर

जिन्होंने कारगिल में दुश्मन को चटाई धूल, वे प्लॉट के लिए लड़े 19 साल लंबी लड़ाई

चंडीगढ़ में मिले 5 कोरोना पॉजिटिव मरीज, दो डड्डूमाजरा से, दो खुड्डा अलीशेर से एक सेक्टर-50 से, संख्या पहुंची 421

पंजाब में कोरोना से एक और की मौत, 125 नए पॉजिटिव केस, 413 मरीज ठीक हुए

एफबी पर लाइव होकर कहा- पत्नी, दो सालियों और उनके पतियों ने मेरा घर बर्बाद कर दिया, मैं सुसाइड कर रहा हूं

शहर में सुबह-सुबह कोरोना का नया केस, 61 वर्षीय बुजुर्ग की रिपोर्ट पॉजिटिव

सेक्टर-25 कॉलोनी से 3, रामदरबार में आए दो केस, यहां कोरोना फैलने का खतरा ज्यादा, शहर में पॉजिटिवों की संख्या 376

चंडीगढ़ में कोरोना वायरस के तीन नए केस, एक्टिव केस बढ़कर 60 हुए

 
 
 
 
 
 
Copyright © 2017 Star Khabre All rights reserved.
Website Designed by Mozart Infotech