Latest :
कर्नाटक में सरकार बनी तो लड्डू बांटकर मनाई खुशीसबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बनने वाले व्यक्ति थे भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी : कृष्ण अत्रीराजीव जी के विचारों को नहीं हरा पाएंगे देश बांटनेवाले - लखन सिंगलाऐसी प्रतियोगिताओं से बढ़ती हैं बच्चों की स्मरण शक्ति : सुमन बालाविद्यासागर इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों ने इंज्वाय की समर पार्टीपूर्व पार्षद एवं कांग्रेस डेलीगेट लखन कुमार सिंगला ने आंदोलनरत कर्मचारियों को दिया समर्थनपत्रकार उत्पीडऩ के विरोध में फरीदाबाद के पत्रकारों का धरनापरम श्रद्धेय महामँडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज करेंगे गीता सत्संगजनता के मन में जात पांत का जहर घोल रही भाजपा - लखन सिंगलाGST का गोरखधंधा
Exclusive

गुजरात में सीएम की रेस में स्मृति, रूपाला, मनसुख, रूपाणी; हिमाचल में जयराम ठाकुर, नड्डा दौड़ में आगे

December 20, 2017 08:00 AM

Star Khabre, Delhi; 20th December : चुनाव से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नए मुख्यमंत्री को लेकर स्पष्ट कर दिया था कि वर्तमान मुख्यमंत्री विजय रुपाणी व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ही अगली सरकार के मुखिया होंगे लेकिन चुनाव परिणाम के बाद कई चेहरे इसके लिए चर्चा में हैं। इनमें केन्द्रीय मंत्री स्म्रति ईरानी, पुरुषोत्तम रुपाला, मनसुख मांडविया शामिल हैं। 

गुजरात नए मुख्यमंत्री का चयन प्रदेश भाजपा विधायक दल की बैठक में आगामी दिनों में होने वाला है लेकिन अभी इसके लिए कई नामों की चर्चा शुरु हो गई है। विधानसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या सौ से कम रहने के कारण भाजपा जातिगत समीकरण के साथ एक मजबूत केबिनेट तैयार करना चाहती है ताकि आगामी लोकसभा चुनाव तक प्रदेश में भाजपा की जमीन को और मजबूत किया जा सके। चूंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अब आगामी चुनावों में गुजरात के लिए अधिक समय नहीं निकाल सकेंगे। प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के लिए विजय रुपाणी का नाम तो सबसे ऊपर है ही लेकिन अब केनद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्म्रति ईरानी, केन्द्रीय पंचायत राज राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रुपाला, केन्द्रीय सडक परिवहन व हाइवे राज्यमंत्री मनसुख मांडविया के नाम भी इस पद के लिए चल रहे हैं। हालांकि मांडविया ने तो ऐसी कोई भी संभावना से साफ इनकार कर दिया है। नितिन पटेल एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं, इनके अलावा वनमंत्री गणपतसिंह वसावा, डॉ नीमाबेन आचार्य, राजेन्द्र त्रिवेदी को भी उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। गुजरात में 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर शपथ लेने की उम्मीद है। उधर, हिमाचल प्रदेश में नए मुख्यमंत्री की तलाश के लिए भाजपा में शीर्ष स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। अनुभव और जनाधार को ध्यान में रखते हुए विभिन्न नामों पर विचार हो रहा है। इसमें वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर का नाम सबसे ऊपर है। लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को भी फिलहाल नकारा नहीं जा सकता।

- 25 को वाजपेयी के जन्मदिन पर रूपाणी ले सकते हैं शपथ
-
स्मृति ईरानी, पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख पर भी अटकलें
गुजरात में विजय रूपाणी का नाम पहले से घोषित है। चुनावों से पहले ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने स्पष्ट कर दिया था कि वर्तमान मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल अगली सरकार के भी मुखिया होंगे। लेकिन, नतीजे आने के बाद यह अटकलें जरूर चल निकली हैं कि जातीय समीकरण साधने के लिए भाजपा अपने पुराने फैसले में बदलाव कर सकती है। इसलिए नए दावेदारों के तौर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पुरुषोत्तम रूपाला और मनसुख मांडविया के नाम भी चल पड़े हैं।
हिमाचल में सीतारमण और तोमर की रिपोर्ट पर होगा फैसला
हिमाचल प्रदेश के लिए भाजपा संसदीय बोर्ड ने मंगलवार को निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर को विधायकों से विचार-विमर्श करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। इनकी रिपोर्ट आने के बाद शीर्ष नेतृत्व मुख्यमंत्री का नाम तय करेगा। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में ये दोनों केंद्रीय नेता शिमला जाकर विधायकों से विमर्श करेंगे। वैसे अनौपचारिक चर्चा शुरू हो चुकी है।
आसान नहीं होगा सीएम का चयन
वैसे हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री के लिए किसी का चयन केंद्रीय नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा। हिमाचल प्रदेश भाजपा के विभिन्न धड़े अपने-अपने व्यक्ति को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने की कोशिश में जुटे हैं। इसी कारण चुनाव के पहले मुख्यमंत्री प्रत्याशी के एलान में देरी भी हुई थी। वैसे जेपी नड्डा का नाम काफी समय से चल रहा था और माना जा रहा था कि चुनाव के चार-पांच महीने पहले ही नड्डा को मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर भाजपा हिमाचल प्रदेश के चुनाव मैदान में उतरेगी। लेकिन नड्डा के नाम की घोषणा नहीं हो पाई और अंतिम समय में मतदान के तीन-चार दिन पहले अमित शाह ने प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री के रूप में पेश कर दिया। जातीय समीकरण के कारण उस समय धूमल के नाम की घोषणा को सही माना गया था। धूमल की हार के बाद उसी जातीय समीकरण के आधार पर जयराम ठाकुर की चर्चा चल पड़ी है। विधायकों से ही मुख्यमंत्री बनाए गए तो ठाकुर ही सबसे आगे हैं।
पांचवीं बार विधायक बने हैं जयराम

जयराम ठाकुर लगातार पांचवां चुनाव जीतकर आए हैं। जिला मंडी के निर्विवाद नेता हैं। इस बार मंडी जिला ने भाजपा को नौ सीटें जीतकर दी हैं। जयराम पूर्व भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। विद्यार्थी परिषद से लेकर भाजयुमो और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे हैं। जयराम के नेतृत्व में राज्य में पहली बार भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला था।

 
Have something to say? Post your comment
More Exclusive

ये है वो शख्स जिसने बनाई हनुमान की गुस्से वाली तस्वीर, पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ

हरियाणा ने खारिज की WHO की प्रदूषण रिपोर्ट, आंकड़ों के स्रोत पर जताया संदेह

लो हो गई आयकर विभाग के कार्यालय से भी दो करोड़ रुपये के सोने की चोरी, तीन गिरफ्तार

दिल्ली के अमन विहार में 19 साल की लड़की से हैवानियत, बंधक बनाकर रेप और मारपीट

नीरव मोदी की गिरफ्तारी पर चीन ने कहा, हांगकांग प्रशासन ले सकता है फैसला

फेसबुक डाटा लीक के बाद वाट्सएप भी शक के घेरे में

दिल्ली: 12वीं की छात्रा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बताई मरने की वजह

छात्र ने विमान में उतारे कपड़े, पॉर्न देखा और एयरहोस्‍टेस से की बदतमीजी, हुआ गिरफ्तार

शेर और भालू के बीच हुई जंग, वीडियो में कैद हुई पूरी फाइट

कार्ति चिदंबरम मामला: इंद्राणी मुखर्जी ने कहा, चिदंबरम को FIPB क्लीयरेंस के लिए 7 लाख डॉलर दिए थे

 
 
 
 
 
 
 
Copyright © 2017 Star Khabre All rights reserved.
Website Designed by Mozart Infotech