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RBI के प्रतिबंध पर धराशायी हुआ बिटकॉइन

April 08, 2018 07:09 AM

Star Khabre, Delhi; 08th April : इस सप्ताह गुरुवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल मुद्रा में लेनदेन को गैरकानूनी घोषित किए जाने के बाद बिटकॉइन के भाव में औंधे मुंह गिरावट आई है। क्रिप्टो-करेंसी एक्सचेंज कॉइनोम ने शनिवार को कहा कि भारतीय बाजार में बिटकॉइन की कीमत गिरकर 3.5 लाख रुपये रह गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बिटकॉइन का भाव 6,617 डॉलर (4.3 लाख रुपये) के ऊपर है।

ब्लॉकचेन एंड क्रिप्टोकरेंसी कमेटी के संस्थापक विशाल गुप्ता ने कहा कि आरबीआइ की घोषणा से पहले भारतीय बाजार में बिटकॉइन का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी पांच फीसद ऊपर था। लेकिन अब यह भारी छूट के साथ उपलब्ध है।

हालांकि इंडसलॉ की प्रिंसिपल एसोसिएट और तकनीकी कानून की जानकार नमिता विश्वनाथ ने कहा कि सरकार का यह कदम बेहद आक्रामक है। उन्होंने कहा, 'बजाय इसके कि आरबीआइ एक समग्र कदम उठाता और डिजिटल मुद्रा के संभावित दुरुपयोग को रोकता, उसने मुद्रा पर पूरी तरह रोक का रास्ता चुना।'

गौरतलब है कि शुक्रवार को जारी विस्तृत दिशानिर्देशों के तहत आरबीआई ने उससे संबद्ध सभी संस्थाओं को तीन महीने के अंदर डिजिटल मुद्रा से सभी संबंध तोड़ लेने का निर्देश दिया है। शनिवार को पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने भी अपने सभी अधीनस्थ बैंकों और वित्तीय संस्थाओं को डिजिटल मुद्रा में लेनदेन से प्रतिबंधित कर दिया है।

बैंक ने यह भी कहा कि डिजिटल मुद्रा में पाकिस्तान से रकम बाहर भेजने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गुप्ता ने कहा कि देश में 40-50 लाख निवेशक किसी न किसी डिजिटल मुद्रा में निवेश कर चुके हैं। इनमें से करीब 60 फीसद निवेशकों ने पिछले वर्ष अक्टूबर-दिसंबर के दौरान इस तरह के निवेश बाजार में कदम रखा, जब डिजिटल मुद्रा का भाव आसमान छू रहा था।

ऐसे में उन्हें पहले ही बड़ा नुकसान हो चुका है और अब आरबीआइ के प्रतिबंध के बाद उनकी पूरी संपत्ति कबाड़ में चली गई है।

डिजिटल मुद्रा के बदले हीरे-जवाहरात देगा अल कासिर ग्रुप-

दुबई-स्थित अल कासिर ग्रुप ने डिजिटल संपत्ति के कारोबार में कदम रखा है। इसके तहत ग्रुप कतर को छोड़ दुनियाभर में 1,000 स्टोर्स खोलेगा, जिनमें कासिर ग्रुप की वेबसाइट पर डिजिटल मुद्रा में किए गए निवेश के बराबर हीरे और अन्य बहुमूल्य सामान लिए जा सकेंगे।

गौरतलब है कि अल कासिर ग्रुप सऊदी अरब के शाही परिवार के सदस्य शेख अहमद बिन ओबैद अल मख्दूम के निजी कार्यालय और दुबई स्थित भारतीय कारोबारी डॉ. अमित लखनपाल का संयुक्त उपक्रम है।

 
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