Star khabre, Faridabad; 12th February : 38 वे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला परिसर में छोटे बच्चों के भीख मांगने तथा उसके आसपास स्टंट करने वाले बच्चों के संबंध में हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जरूरी निर्देश जारी किए हैं। जेजे अधिनियम 2015 और बाल किशोर श्रम (निषेध और विनियमन अधिनियम, 1986) की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाए। यह जानकारी सूरजकुंड मेला प्रशासक एवं एडीसी साहिल गुप्ता ने दी।
एडीसी गुप्ता ने बताया कि डीसी विक्रम सिंह के मार्गदर्शन में बाल श्रम के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा निरन्तर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है,मेला परिसर के अलावा कहीं भी बाल श्रम नो हो सके इसके लिए प्रशासन सजग है।
उन्होंने कहा कि मेला प्रबंधन से जुड़े अधिकारी, पुलिस कर्मी और अन्य कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि मेला परिसर में कोई भी बच्चा भीख न मांगे, स्टंट न करे या किसी प्रकार से बाल अधिकारों का उल्लंघन न हो। उन्होंने बाल कल्याण समिति फरीदाबाद और जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश दिए कि वे जेजे अधिनियम, 2015 और बाल किशोर श्रम (निषेध और विनियमन अधिनियम, 1986) का उल्लंघन करते हुए भीख मांगते या खतरनाक कार्य करते पाए गए बच्चों को तुरंत बचाएं और उनको उनके माता पिता को जागरूक करे। उन्होंने अधिकारियों को मेला अनाउंसमेंट केंद्र को नियमित अंतराल पर बाल मजदूरी को रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए
एडीसी ने बताया कि बच्चों को पैसे के लिए भीख मांगने या कार्य करने के लिए मजबूर करना अवैध और दंडनीय अपराध है। इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आप मेले के भीतर या आसपास ऐसी गतिविधियों को देखते हैं तो तुरंत इसकी सूचना 1098 या 112 पर दें। इसके अलावा मेला परिसर में गेट संख्या-दो पर स्थापित हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के स्टॉल पर जाएं
बाल मजदूरी रोकने के लिए सरकार और प्रशासन सजग : एडीसी*

Leave a comment
Leave a comment