Star khabre, Chandigarh; 13th August : चंडीगढ़ नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग के कर्मचारी विकास का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह निगम के इंस्पेक्टरों पर आरोप लगा रहा है कि वे हर महीने उससे 6 लाख रुपए इकट्ठा कर लेते हैं, फिर भी उसे परेशान किया जाता है। इसे लेकर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने आज सभी अधिकारियों की बैठक बुलाई है। जिसमें सभी को बोला अभी जो विडियो वायरल हुई है, उसमें कितनी सच्चाई है उसकी तो जांच होगी। साथ ही अगर इस बीच उनके पास कोई सबूत आता है तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, विकास ने सुबह एक और वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने कहा कि रात को नशे की हालत में बनाया गया वीडियो झूठ था और उनसे कोई पैसा नहीं लिया जाता। अब जांच का विषय है कि यह दूसरा वीडियो किसकी गाड़ी में और किसने बनाया। विकास ने इसमें दो मोबाइल नंबर भी बताए, जो वर्तमान में स्विच ऑफ हैं। विकास नगर निगम के इंफोर्समेंट विंग का कर्मचारी है और सेक्टर 25 में रहता है।
सुनिए वीडियो में क्या आरोप लगाए विकास ने..
- विकास ने मोबाइल फोन का वीडियो कैमरा ऑन किया और बोला कि मैं अपने घर पर बैठा हूं, ये रही मेरी बेटी, बेटा और पत्नी। मैं निगम में इंफोर्समेंट विंग में काम करता था। निगम के इंस्पेक्टर, जिन्हें अभी 3 साल हुए ज्वाइनिंग को, वो मुझ पर दबाव बनाते हैं कि वेंडर्स से पैसा इकट्ठा करो और मैं हर महीने उन्हें 4 से 6 लाख तक इकट्ठा कर रहा हूं। लेकिन कुछ समय से वो मुझ पर ज्यादा दबाव बनाने लगे और कहने लगे कि और ज्यादा पैसे इकट्ठा करो।
- विकान ने कहा कि उन्हें धमकी दी जाती है कि अगर ऐसा नहीं करेगा तो नौकरी से निकाल देंगे और उन्होंने कुछ दिन बाद वही किया। विकास बोला, हर महीने चालान काटते हैं सिर्फ 1 से डेढ़ लाख रुपए का। उसने अफसरों से अपील की और कहा कि जांच करवाएं, अगर उसकी गलती पाई जाती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाए।
- वीडियो में बेटी और पत्नी भी बोल रही हैं कि ये घर पर पैसों की रोजाना काफी बड़ी गड्डी लेकर आता था और कहता था कि अफसरों को देने हैं।
- वीडियो में एक इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि वो तो हैंडीकैप्ड हो या फिर भिखारी, किसी को भी नहीं छोड़ता था, हर किसी से पैसा लेता था और उसके कारण ही एक कर्मचारी जसपाल ने सुसाइड कर लिया था। जसपाल उसका काफी अच्छा दोस्त था।
- आगे विकास बोलता है कि उसने इस समय शराब पी रखी है, मगर वो बिल्कुल सच बोल रहा है और उसके साथ कुछ भी हो सकता है, इसलिए मैं ये वीडियो अभी बनाकर फेसबुक पर डाल रहा हूं।
- कहा, नगर निगम की इंफोर्समेंट विंग में 3 से 4 को छोड़कर सभी हर महीने पैसे ले रहे हैं और पैसे लेने के लिए कर्मचारियों पर दबाव बनाते हैं।
तीनों को फोन किया मगर नहीं मिला रिप्लाई
कर्मचारी विकास के आरोपों को लेकर वीडियो में जिन दो इंस्पेक्टर और एक सुपरिंटेंडेंट का नाम लिया गया था, उन सभी से मामले पर फिलहाल कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।
News Source : DainikBhaskar
