Star khabre, Chandigarh; 24th June : चंडीगढ़ में 2 लाख 50 हजार की ऑनलाइन ठगी करने वाले 2 आरोपियों को चंडीगढ़ साइबर सेल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हैं। उनके नाम विमल कुमार और राज कुमार उर्फ राजू हैं। इन दोनों के खिलाफ धारा 419, 420, 467, 471 और 120 आईपीसी के तहत चंडीगढ़ सेक्टर 17 साइबर सेल में केस दर्ज किया गया था।
मुनाफे का लालच देकर ठगा
चंडीगढ़ के धनास इलाके में रहने वाले विजयनंदर प्रसाद ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप पर एक मैसेज आया। भेजने वाले ने खुद को स्टॉक निवेश कंपनी का कर्मचारी बताया और एक वेबसाइट लिंक भेजा – (http://instiutionstock.com)।
जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ लिया गया। उस ग्रुप में हर दिन शेयर खरीदने और बेचने से जुड़े टिप्स भेजे जाते थे। ग्रुप के लोगों ने उनके नाम से वेबसाइट पर एक पर्सनल अकाउंट भी बना दिया, जिससे उन्हें लगा कि उनका पैसा सही जगह लग रहा है।
इसके बाद कॉल करके उन्हें AU बैंक के तीन अलग-अलग खातों में ₹2,50,000 भेजने को कहा गया। ₹1.82 लाख की रकम एक आरोपी के खाते में गई। शुरू में ₹50,000 की निकासी दिखाकर उन्हें भरोसा दिलाया गया कि ये कंपनी असली है।
नंबर ट्रेस करके पकड़े गए आरोपी
एफआईआर दर्ज होने के बाद एसपी गीतांजलि खंडेवाल की निगरानी में और साइबर सेल की इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिज़वी की अगुआई में एक टीम बनाई गई। आरोपियों ने जिन मोबाइल नंबरों से लोगों को ठगा था, उनमें से एक नंबर राजस्थान, जयपुर का निकला।
इसके बाद पुलिस की टीम जयपुर पहुंची और दोनों आरोपियों को वहां से पकड़ लिया।
दोनों के खातों में गया पैसा
जांच में पता चला कि 1.82 लाख विमल कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। वहीं, राज कुमार उर्फ राजू का मोबाइल नंबर भी उसी खाते से जुड़ा मिला। इससे साफ हो गया कि दोनों इस ठगी में साथ शामिल थे।
पुलिस पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म मान लिया है। उन्होंने ये भी बताया कि उनके साथ एक और व्यक्ति इस ठगी में शामिल है। उसकी तलाश अब तेज कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
साइबर सेल अब बाकी पैसों और ट्रांजेक्शनों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।
साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये सावधानियां:
- वॉट्सऐप या टेलीग्राम पर आए निवेश के संदेशों पर भरोसा न करें।
- कंपनी की जानकारी उसकी असली वेबसाइट या अन्य देने से जांचें।
- कभी भी अपनी आधार, पैन या बैंक डिटेल्स किसी को न दें।
- अगर आपके साथ ठगी हो गई है तो तुरंत पुलिस को कॉल करे।
News Source : DainikBhaskar
