Star khabre, Chandigarh; 6th August : पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल कल तक के लिए रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि जब तक पर्यावरणीय आकलन (एनवायरनमेंटल असेसमेंट स्टडी) नहीं होती, तब तक इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता।
हालांकि, सरकारी वकील ने दलील दी कि अभी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पॉलिसी से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सवाल उठाए हैं और पॉलिसी को लेकर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई में विस्तृत जवाब मांगा है।
लुधियाना निवासी ने दी थी सरकार को चुनौती
उच्च अदालत में यह याचिका लुधियाना निवासी एडवोकेट गुरदीप सिंह द्वारा दायर की गई थी। वह स्वयं एक किसान हैं और उनकी अपनी जमीन इस पॉलिसी के अधीन आ रही थी। ऐसे में उन्होंने किसानों और जमीन मालिकों की ओर से लैंड पूलिंग नीति को चुनौती दी।
उनकी दलील थी कि केंद्र सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर स्पष्ट नियम तय किए गए हैं और राज्य सरकार अपनी मर्जी से इन केंद्रीय नियमों में बदलाव नहीं कर सकती। उच्च अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार कर लिया था
अदालत की तरफ से यह सवाल किए गए
अदालत ने सरकारी वकील को यह बताने का आदेश दिया है कि क्या नीति को अधिसूचित करने से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन और पर्यावरण नियोजन आकलन का ध्यान रखा गया था। न्यायालय ने कहा कि यदि अधिसूचना जारी करने से पहले इन सभी पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन हो सकता है।
अदालत ने यह भी तर्क दिया कि इस मामले में पूरी जानकारी मिलने तक नीति को स्थगित रखा जाना चाहिए। किसानों, खाद्य सुरक्षा और पशुपालन का भी विश्लेषण किया जाना चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई अब कल होगी। जहां सरकार को सभी निर्देश और रिपोर्ट न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करनी होंगे।
News Source : DainikBhaskar
