Star khabre, Faridabad; 26th July : दो पालियों (शिफ्ट) में आयोजित सीईटी-2025 की परीक्षा पहले दिन कुल 163 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा अभ्यर्थियों को नहीं हुई। फरीदाबाद में कुल पांच जिलों गुरुग्राम, झज्जर, नूंह, पलवल व रोहतक से अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। प्रशासन की ओर से किए गए इंतजाम छात्रों को खूबरास आए। महिला अभ्यर्थियों ने बिना किसी परेशानी व खर्च के सरकारी सेवाओं के जरिए परीक्षा केंद्र पहुंचने की सुविधा की सराहना की। सुबह की शिफ्ट में आयोजित परीक्षा का निरीक्षण करने के लिए हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमिशन (एचएसएससी) के चेयरमैन हिम्मत सिंह व उपायुक्त विक्रम सिंह दौरे पर रहे।
सेक्टर -14 स्थित डीएवी स्कूल से निरीक्षण दौरे के शुरुआत की गई। इस दौरान छात्रों की बायोमैट्रिक, सुरक्षा जांच के अलावा अन्य़ इंतजाम परखे गए। एचएसएससी के चेयरमैन हिम्मत सिंह ने जिले में आयोजित परीक्षा के इंतजाम देखकर संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। किसी भी अभ्यर्थी को असुविधा में नहीं देखा गया। पत्रकारों की ओर से परीक्षा को चुनौती बताने वाले एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि यह सरकार का दायित्व है कि युवाओं का भरोसा बना रहे। ऐसे में परीक्षा कोई चुनौती नहीं बल्कि दायित्व है। उन्होंने कहा कि छात्रों को यातायात सुविधा पूरी तरह से सुनिश्चित की गई है। किसी भी प्रकार की कमी कहीं नहीं मिली। विजिट के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा एसओपी का पूरी तरह से पालन किया गया। कमीशन के विभिन्न सदस्य अलग-अलग परीक्षा केंद्र का दौरा कर रहे हैं। छात्र अलग अलग माध्यम से कमीशन से जुड़े हैं। सभी का फीडबैक मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर इतनी बेहतर व्यवस्था है कि यह सर्वोत्तम प्रयास है। इससे बेहतर कभी नहीं देखा। हाईकोर्ट में एडमिट कार्ड को लेकर चल रहे मामले पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि फॉर्म ठीक से न भरने पर यह समस्या हुई है। उम्मीद है कि छात्र भविष्य में कोई लापरवाही फॉर्म भरते वक्त नहीं करेंगे। नियमों के अनुसार ही काम किया जा रहा है। परीक्षा में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने नियमानुसार सख्त कार्रवाई की बात कही।
जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सीईटी 2025 परीक्षा की पहली शिफ्ट में लगभग 42,000 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से करीब 90 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित हुए। यह उपस्थिति दर सामान्यत: 60 से 70 प्रतिशत के मुकाबले कहीं अधिक है, जो दर्शाता है कि युवाओं में इस परीक्षा को लेकर विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के प्रति युवाओं के विश्वास का प्रमाण है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 5 क्लस्टर बनाए गए, जहाँ विभिन्न ड्रॉप पॉइंट्स से शटल सेवा के माध्यम से अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाया गया। प्रशासन द्वारा किए गए समुचित प्रबंधों के चलते दूर-दराज से आए छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई और सभी अभ्यर्थी समय से परीक्षा केंद्रों पर पहुँच गए।
सेक्टर 16 स्थित नेहरू कॉलेज परीक्षा केंद्र के निरीक्षण के दौरान डीसी विक्रम सिंह ने परीक्षा केंद्र के बाहर उपस्थित अभ्यर्थियों के अभिभावकों से संवाद कर उनकी राय और अनुभव जाने। सभी अभिभावकों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं की खुले दिल से सराहना की।
डीसी ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर सारी व्यवस्थाएँ सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और कहीं कोई समस्या सामने नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशों की पूर्ण अनुपालना की जा रही है तथा प्रशासन आगामी शिफ्टों में भी इसी तरह की सतर्कता और सक्रियता बनाए रखेगा। यदि किसी भी स्तर पर सुधार की आवश्यकता हुई, तो उसे और बेहतर किया जाएगा।
*दिव्यांग अभ्यर्थियों को मिला प्रशासन का साथ, प्रत्येक के साथ एक गाड़ी व कर्मचारी अटैच*
ग्रामीण स्तर पर ग्रामसचिव व शहरी क्षेत्र में जेई को दिव्यांग अभ्यर्थियों को घर से परीक्षा केंद्र तक लाने व ले जाने का जिम्मा सौंपा गया। इसी कड़ी में जिले में विभिन्न दिव्यांग अभ्यर्थियों ने संतुष्टि जाहिर करते हुए सरकार का आभार जताया। एक मूक अभ्यर्थी की माता ने वीडियो पर फीडबैक देते हुए कहा कि बेटा बोल नहीं सकता लेकिन सरकार से मिली सुविधा के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। इसी तरह परीक्षा केंद्र पर पहुंचने पर मूक बेटेने भी साइन लैंग्वेज के जरिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का हृदय से आभार जताया।कई अन्य दिव्यांग महिला-पुरुष की ओर से भी फीडबैक वीडियो प्रशासन की ओर से साझाकिए गए। सभी ने सरकार की व्यवस्था और अभिभावक की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा किसरकार ने निश्चित ही युवाओं में अलग उत्साह व आत्मविश्वास पैदा किया है। यह सरकारकी सर्वोत्तम कार्य शैली का उदाहरण है।
*बस मिस हुई तो प्रशासनने दौड़ा दी बाइक व कार, पेपर छूटने से बचाया*
बल्लभगढ़ बस स्टैंड परदोपहर की शिफ्ट में परीक्षा देने पहुंचे झज्जर के अभ्यर्थी की शटल मिस हो गई। ऐसेमें जीएम रोडवेज शिखा अंतिल ने सीएम नायब सिंह सैनी व डीसी विक्रम सिंह केआदेशानुसार अभिभावक की भूमिका निभाते हुए अपनी गाड़ी से अभ्यर्थी को परीक्षाकेंद्र तक पहुंचाया। इसी तरह रोडवेज से सेक्टर 12 परेड ग्राउंड तक पहुंचे लेकिन शटलसेवा लेने से वंचित रह गए। इन अभ्यर्थियों को सेक्टर 16, 17, 18, 19 में बनाए गएपरीक्षा केंद्र तक ड्रॉप सुविधा दिलाई गई। बाइक टैक्सी, कार पूल व अन्य माध्यम सेकरीब पांच अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया गया। इसी तरह एनआईटीक्षेत्र में बने दशहरा ग्राउंड के पिकअप प्वाइंट से कई छात्रों की बस छूट गई। इनछात्रों को बड़खल तहसील के नायब तहसीलदार उमेश कसाना व तहसीलदार नेहा सहारण नेअपनी-अपनी गाड़ी में बिठाकर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। सरकारीकर्मचारियों व अधिकारियों के इस नायब रूप को अभ्यर्थियों ने खूब सराहा।
