Star khabre, Chandigarh; 10th May : ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई एयर स्ट्राइक के भारत और पाकिस्तान में युद्ध जैसे हालात बने हुए है। इसी बीच चंडीगढ़ पुलिस ने आतंकी हैप्पी पासियां गैंग के दो सदस्यों से IED (Improvised Explosive Device) बरामद की है, जिसे सेना ने डिफ्यूज कर दिया। दोनों आरोपी इस आईईडी से ब्लास्ट करने की तैयारी कर रहे थे।
सेना की इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न तो एरिया को सील किया और न ही वाहनों की आवाजाही रोकी। इसे लेकर चंडीगढ़ एसपी इंटेलिजेंस/हेडक्वार्टर मंजीत श्योराण ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी की गई है।
क्राइम ब्रांच को मिला इनपुट, नाकाबंदी कर पकड़ा
एसपी इंटेलिजेंस मंजीत श्योराण ने बताया कि चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच को इनपुट मिला था कि आतंकी हैप्पी पासियां के गैंग कोई बड़ी वारदात करने की फिराक में है। इसके बाद डीएसपी धीरज की अगुआई में क्राइम ब्रांच की टीम ने गुरुवार को हरदोह पुतली, अमृतसर निवासी जॉबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला और गांव चाहला कलां निवासी सुमनदीप उर्फ सिम्मा को गिरफ्तार कर लिया था।दोनों के पास से 2 पिस्तौल, कारतूस और एक IED, रिमोट कंट्रोल बरामद हुए थे। यह आईईडी एक्टिव थी, जिसे सेक्टर 39 जीरी मंडी के पास ही सेफ्टी के साथ रखवा दिया गया था।
चंडी मंदिर से आई सेना, IED को किया डिफ्यूज
दोनों आरोपियों के पास से बरामद आईईडी को डिफ्यूज करने के लिए शनिवार को चंडी मंदिर से बम स्क्वॉड के साथ सेना पहुंची। इस दौरान चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच की टीम भी मौजूद थी। सेना की टीम पूरी तैयारी के साथ आई थी। बुलेटप्रूफ जैकेट भी पहनी हुई थी। टीम ने बेहद सावधानी के साथ इस IED को डिफ्यूज किया। एसपी इंटेलिजेंस मंजीत श्योराण ने बताया कि अब दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि वे इस IED को कहां से लाए थे और कहां इसका यूज करना था।
पुलिस की दिखी लापरवाही, चप्पल में पहुंचा कर्मचारी
जब सेना ने इस IED को डिफ्यूज किया, उस दौरान चंडीगढ़ पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। पुलिस ने न तो इस एरिया को सील किया और न ही वाहनों की आवाजाही रोकी। किसी पुलिस कर्मी ने भी बुलेटप्रूफ जैकेट तक नहीं पहनी हुई थी। यहां तक कि एक मुलाजिम ने चप्पल पहन रखी थी। इस दौरान क्राइम ब्रांच के डीएसपी धीरज भी मौके पर पहुंचे थे। जो वाहन वहां से गुजर रहे थे, वे पुलिसवालों से पूछ रहे थे कि यहां पर इतनी पुलिस फोर्स क्यों है, क्या हुआ? इस दौरान सीएफएसएल फोरेंसिक टीम भी मौजूद थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कई मामलों में फरार थे दोनों आरोपी
पूछताछ में पता चला कि दोनों आरोपी अंतरराष्ट्रीय आतंकियों हैप्पी पासिया और मनु अगवान के संपर्क में थे। हरविंदर उर्फ हैरी के जरिए इनका संपर्क मलेशिया स्थित मनिंदर सिंह उर्फ बिल्ला से हुआ। इन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे वॉट्सऐप और स्नैप चैट के जरिए निर्देश मिलते थे। हथियार और पैसों की डिलीवरी के लिए लोकेशन भेजी जाती थी।
जॉबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला कई आतंकी मामलों, किला लाल सिंह थाने पर RPG हमले, ज्वेलर शॉप पर फायरिंग, शराब ठेके पर गोलीबारी जैसे मामलों में शामिल पहले भी चोरी के दो मामलों में वांछित चल रह था। वहीं सुमनदीप उर्फ सिम्मा गुरदासपुर शराब ठेके पर फायरिंग सहित NDPS एक्ट और चोरी के मामलों में शामिल था
News Source : DainikBhaskar
