Star khabre, Faridabad; 20th June : जनता की शिकायतों का समाधान प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही अब स्वीकार नहीं की जाएगी। शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनशिकायतों के निस्तारण में गंभीरता, संवेदनशीलता और पूर्ण पारदर्शिता बरतें।
बैठक में समाधान शिविर, सीएम विंडो और एसएमजीटी पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। एडीसी ने कहा कि जन शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से फाइल बंद कर देने से समाधान नहीं माना जा सकता, जब तक शिकायतकर्ता स्वयं संतुष्ट न हो।
एडीसी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विभाग अपनी समीक्षा बैठक से कम से कम एक दिन पूर्व सभी निस्तारित मामलों की अद्यतन स्थिति संबंधित पोर्टलों पर अपलोड करे। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के निपटान के दौरान ‘निपटान श्रेणी’ का चयन करते समय विशेष सावधानी बरती जाए और फीडबैक सच्चाई पर आधारित हो। इससे जहां प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, वहीं दोबारा खुलने वाले मामलों की संख्या में भी कमी आएगी।
इसके अतिरिक्त, एडीसी ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी बिना पूर्व सूचना के समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहते हैं, उनके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और पारदर्शी बनाने के लिए यह आवश्यक है कि सभी विभाग समन्वय से कार्य करें और अपनी जिम्मेदारी को प्राथमिकता से निभाएं।
बैठक में एडीसी द्वारा यह भी उल्लेख किया गया कि हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी स्वयं मुख्यमंत्री विंडो और एसएमजीटी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की सीधे निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जिला स्तर तक मामलों की समीक्षा की जा रही है, जिससे स्पष्ट हो जाता है कि शासन आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर कितनी सजग और गंभीर है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत का समाधान केवल कानूनी या प्रशासनिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और व्यवहारिक सोच के साथ किया जाए।
