Star khabre, Chandigarh; 25th June : चंडीगढ़ में अब टैक्सी, बाइक टैक्सी और शेयर राइड ऐप के लिए नए नियम लागू हो गए हैं। जिन्हें “चंडीगढ़ मोटर व्हीकल एग्रीगेटर रूल्स, 2025” कहा जाता है। इन नियमों का मकसद यात्रियों और ड्राइवरों की जान और माल की सुरक्षा बढ़ाना है।
इन नियमों को तैयार करने और फाइनल करने के लिए संबंधित विभाग लंबे समय से काम कर रहे थे। इस दौरान पहले और बाद में कुछ लोगों ने विरोध भी किया।
नए नियमों की पूरी जानकारी….
- बकाया चालान पहले चुकाएं- अगर किसी ड्राइवर या वाहन को ओला, उबर या किसी भी राइड-शेयर ऐप से जोड़ना है, तो उसे पहले अपने सारे चालान (ट्रैफिक जुर्माने) चुकाने होंगे।
- ड्राइवर और वाहन की जांच- हर ड्राइवर का असली पंजीकरण, लाइसेंस और आधार कार्ड चेक होंगे। वाहन का पटरा, ब्रेक, टायर, लाइट इत्यादि नियमित रूप से चेक होंगे। अगर कोई वाहन सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा, तो वह प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा और कंपनी का लाइसेंस रद्द भी हो सकता है।
- चाइल्ड लॉक पर रोक- पुराने इलेक्ट्रॉनिक चाइल्ड लॉक को बंद कर दिया जाएगा। अब केवल मैनुअल (हाथ से लगाने वाला) लॉक ही मान्य होगा, ताकि जरूरत पड़ने पर यात्री खुद कभी बाहर निकल सकें।
- पैनिक बटन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग- महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए हर गाड़ी में पैनिक बटन लगेगा। जरूरत पड़ने पर यात्री एक बटन दबाकर तुरंत मदद मंगवा सकेंगे। गाड़ियों में जीपीएस लोकेशन ट्रैकर होगा, जिससे रियल टाइम में गाड़ी का स्थान पता चलता रहेगा।
- किराए की जानकारी हिंदी-अंग्रेजी में- मोबाइल ऐप में किराया (फेयर) साफ-साफ दिखेगा। यह जानकारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी, ताकि हर कोई आसानी से समझ सके।
- कारपूलिंग (यात्री साझा करना)- कारपूलिंग वालों को भी ये ही नियम फॉलो करने होंगे। महिलाओं की सुरक्षा के लिए यहाँ भी पैनिक बटन और लोकेशन ट्रैकर जरूरी हैं।
- तत्काल लागू- यह नई नियमावली आज ही से लागू हो गई है। इसके लिए परिवहन विभाग ने महीनों तक ड्राफ्ट तैयार किया और लोगों की राय ली। अब सभी एग्रीगेटर कंपनियों को इसका पालन करना होगा।
क्यों जरूरी थे ये नियम?
चंडीगढ़ में लंबे समय से टैक्सी-एप, बाइक टैक्सी और शेयर्ड राइड पर नियम नहीं थे। इससे यात्रियों को सुरक्षा का भरोसा नहीं था और ड्राइवरों का भी खाता- किताब ठीक नहीं था। इन नए नियमों से अब:
- चालान साफ होंगे
- ड्राइवर और वाहन पूरी तरह चेक होंगे
- आपात स्थिति में पैनिक बटन से तुरंत मदद मिलेगी
- गाड़ी का पता चलना आसान होगा
- किराया सबके समझ में आएगा
News Source : DainikBhaskar
