Star khabre, Chandigarh; 8th August : चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर आज (शुक्रवार) दोपहर के वक्त भारी लैंडस्लाइड हो गया। मंडी के झिंडी में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आ गई। इससे फोरलेन वाहनों के लिए बंद हो गया है।
सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई है। नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की मशीनरी सड़क की बहाली में जुटी हुई है। मगर यहां पर बार बार लैंडस्लाइड हो रहा है। इससे सड़क बहाली के काम में बाधा उत्पन्न हो रही है।
वहीं मंडी जिला की ही धर्मपुर-बनवारकलां-मढ़ी सड़क पर भी आज पूरा पहाड़ गिरा गया। इस दौरान सड़क बहाली में जुटे जेसीबी ऑपरेटरों ने भागकर जान बचाई। यह सड़क दो दिन से बंद पड़ी थी। आज दिन में इसकी बहाली का काम चल रहा था। पहाड़ गिरने का आभास होते ही जेसीबी ऑपरेटर मौके से भाग निकले।
शिमला-सिरमौर में ऑरेंज अलर्ट
वहीं शिमला में दोपहर बाद ढाई बजे तेज बारिश शुरू हुई। इस बीच मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले 4 घंटे के लिए शिमला और सिरमौर जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान एक दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इससे लैंडस्लाइड, जल भराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई भागों में अगले पांच दिन बारिश जारी रहेगी। खासकर 10 और 11 अगस्त को वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इस 10 अगस्त को ऊना, कांगड़ा, मंडी और सोलन जिला में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
11 अगस्त को इन जिलों में अलर्ट
11 अगस्त को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिला में ऑरेंज अलर्ट है। इन दो दिनों के दौरान भारी बारिश से लैंडस्लाइड, जल भराव और बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। इसे देखते हुए लोगों को सावधान रहने को कहा गया है। वहीं अगले कल ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिला में एक दो स्थानों पर तेज बारिश का पूर्वानुमान है।
मानसून में 202 लोगों की मौत
प्रदेश में इस मानसून सीजन में (20 जून से 7 अगस्त तक) 202 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 32 लोगों की मौत बाढ़, बादल फटने और लैंडस्लाइड से हुई है, जबकि 36 लोग लंबे समय से लापता है। सड़क हादसों में 94 लोगों की जान गई है।
भारी बारिश से 1952 करोड़ की संपत्ति नष्ट
राज्य में भारी बारिश से 1952 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान हो चुका है। भारी बारिश से 477 घर पूरी तरह जमींदोज, 1413 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। इस दौरान 293 दुकानें, 1772 गोशालाएं, 23 घाट भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मानसून में 25755 पालतू मवेशियों (गाय, भैंस, भेड़, बकरी, घोड़ा, मुर्गे) की मौत हुई है।
News Source : DainikBhaskar
