Star khabre, Chandigarh; 11th August : चंडीगढ़ में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेक्टर-39 थाने में तीन डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शिकायतकर्ता मदन पाल, निवासी सेक्टर-47, ने पुलिस को बताया कि 18 जनवरी 2021 को उनकी 49 वर्षीय पत्नी ममता को पेट दर्द हुआ, जिसके बाद वे उसे सेक्टर-38 स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले गए।
डॉक्टरों ने जांच और कुछ टेस्ट करने के बाद बताया कि उसके पेट में गॉलब्लैडर स्टोन है। मदन पाल के अनुसार, उन्होंने डॉक्टर से दवा से इलाज करने का अनुरोध किया, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि इसका इलाज केवल ऑपरेशन से संभव है।
पति बोला- समय पर देखभाल होती तो जान बच जाती
मदन पाल ने पुलिस को दी शिकायत में डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि 1 दिसंबर 2020 को डॉक्टर ने उसकी पत्नी का ERCP प्रोसीजर किया। डॉक्टरों ने सर्जरी और ऑपरेशन के बाद देखभाल में गंभीर लापरवाही बरती, जिससे उसकी पत्नी ममता की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उसके बाद उसे वहां से पीजीआई शिफ्ट कर दिया।
जहां इलाज के दौरान 7 दिसंबर 2020 को उनकी PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। पति का आरोप है कि अगर समय पर सही इलाज और देखभाल मिलती, तो उनकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी।
कोर्ट के आदेश में एफआईआर
मदन पाल ने डॉक्टरों के खिलाफ अपनी पत्नी ममता की मौत का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत कोर्ट में दी थी। वहां पर डॉक्टरों की ओर से भी और मदन पाल की ओर से भी काफी दलीलें दी गईं, जिसके बाद आखिर में कोर्ट ने 3 डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पुलिस को दिए।
जानिए ERCP क्या होती है
इसका पूरा नाम एंडोस्कोपिक रेट्रो ग्रेड कोलां जियो-पेनक्रिएटोग्राफी है। यह एक विशेष चिकित्सा प्रक्रिया है, जो पित्त नली (Bile Duct), पैंक्रियाटिक नली (Pancreatic Duct) और गॉलब्लैडर से जुड़ी बीमारियों की पहचान और इलाज दोनों के लिए की जाती है।
News Source : DainikBhaskar
