Star khabre, Chandigarh; 7th August : चंडीगढ़ नगर निगम में आउटसोर्स भर्ती में चहेतों को फायदा पहुंचाने और फंड में गड़बड़ी के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। समाज अधिकार कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभू बनर्जी की शिकायत पर अब यह मामला विजिलेंस जांच के दायरे में आ गया है। विजिलेंस ने नगर निगम कमिश्नर से पूरे रिकॉर्ड की मांग कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शंभू बनर्जी ने कहा कि नगर निगम में सरकार के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो आम जनता के टैक्स से आता है। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी फंड को बर्बाद होने से बचाया जाए।
ये लगे निगम पर आरोप
शंभू बनर्जी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाते हुए लिखा कि नगर निगम में पिछले 2-3 वर्षों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति में भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां कर्मचारियों के वेतन पर हर महीने 5 करोड़ रुपए खर्च होते थे, अब यह बढ़कर 15 करोड़ रुपए प्रति माह हो गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये आउटसोर्स कर्मचारी ज्यादातर अधिकारियों, कर्मचारियों या पार्षदों के करीबी हैं। उन्हें बिना किसी टेस्ट या मेरिट के भर्ती किए गए हैं। कई कर्मचारी तो ऐसे हैं, जो अगर टेस्ट देते भी हैं, तो पास नहीं कर पाते।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कई रिटायर्ड अधिकारी भी निगम में बिना जरूरत सिर्फ खुश करने के लिए एग्रीमेंट पर फिर से रख लिए गए हैं। नगर निगम के कर्मचारियों के लिए जो गाड़ियां सरकारी काम के लिए दी जाती हैं, उन्हें भी निजी इस्तेमाल में लाया जा रहा है। ये गाड़ियां ऐसे कर्मचारियों को भी दी गई हैं, जो इसके पात्र नहीं हैं।
विजिलेंस ने बनर्जी के दर्ज किए बयान
विजिलेंस द्वारा समाज अधिकार कल्याण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंभू बनर्जी को विजिलेंस पुलिस स्टेशन, सेक्टर-9 में बयान दर्ज करवाने के लिए बुलाया गया था। जिसके बाद वह उन्होंने अपने बयान दर्ज करवा आए हैं और जो उन्होंने शिकायत में लिखा था वही अपने बयानों में बताया है।
News Source : DainikBhaskar
