Star khabre, Haryana; 3rd August : हरियाणा के नारनौल में NEET एग्जाम में कम नंबर आने पर रिटायर्ड फौजी की बेटी ने सुसाइड कर लिया। युवती का किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं हो रहा था। परिवार का कहना है कि इस वजह से वह डिप्रेशन में थी।
उसने हाल ही में ग्रुप-C के पदों के लिए हुआ कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) भी दिया था। इसमें भी युवती के आंसर-की से मिलान करने पर कम नंबर बने। उसने घर में नशीला पदार्थ निगलकर लिया। इलाज के लिए युवती को अस्पताल ले जाया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने परिवार के बयान दर्ज करने के बाद पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
3 पॉइंट में जानिए सुसाइड का पूरा मामला…
- BSC फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी: लड़की की पहचान अटेली थाना क्षेत्र के कुंजपुरा गांव निवासी अंशु के रूप में हुई है। उसके पिता फौज से रिटायर्ड हैं। भाई ने भी हाल ही में सेना जॉइन की है। अंशु ने नारनौल के प्राइवेट स्कूल से 12वीं कक्षा पास की थी। अब वह राजस्थान में बहरोड़ के एक कॉलेज से BSC कर रही थी और फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी।
- घर पर जहरीला पदार्थ निगला: परिवार के मुताबिक शनिवार को अंशु घर पर ही थी। अचानक उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। परिवार के लोगों को जब उसकी हालत बिगड़ने का पता चला तो वे उसे तुरंत नजदीकी प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए नारनौल के सरकारी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
- इलाज के दौरान दम तोड़ा: परिवार के लोग उसे तुरंत सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। तमाम कोशिशों के बाद भी अंशु की जान नहीं बच पाई और उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और शव कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया।
1. NEET में 470 नंबर आए परिवार के मुताबिक अंशु ने इसी साल NEET का एग्जाम दिया था। वह कह रही थी कि उसके अच्छे नंबर आ जाएंगे और अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हो जाएगा। रिजल्ट आने पर उसके 470 नंबर आए। कम नंबर आने की वजह से वह डिप्रेशन में चली गई। उसका किसी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं हुआ। इस वजह से वह डिप्रेशन में थी। इसके बाद उसने BSC में एडमिशन लिया।
2. CET एग्जाम में 46 नंबर बन रहे थे कुंजपुरा गांव के सरपंच दलीप ने बताया कि अंशु ने हाल में हुआ कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट एग्जाम भी दिया था। आंसर-की के मिलान करने पर उसके 46 नंबर ही बन रहे थे। इसके बाद वह और ज्यादा डिप्रेशन में आ गई थी। हो सकता है कि वह कम नंबर का मानसिक तनाव नहीं झेल पाई और उसने आत्महत्या कर ली।
News Source : DainikBhaskar
